सुन्नी एत्तेहाद काउंसिल के लीडरों नें कहा है कि पवित्र महीने में बेगुनाहों का ख़ून बहाना इस्लाम की सेवा नहीं है, कौन सा इस्लाम बेगुनाह इन्सानों की हत्या की परमीशन देता है। केन्द्रीय व प्रादेशिक सरकार जनता की जान व माल की सुरक्षा में असफल हो चुकी है। सरकार 50 दिनों में आतंकवाद के विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाही नहीं कर सकी, आतंकवाद के विरुद्ध ए. पी. सी. के गठन में देरी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी पदाधिकारी कितने और पाकिस्तानियों के मरने का इन्तेज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग मौत की घाट उतर रहे हैं और सरकार नई सिक्योरिटी पॉलिसी बनाने में बहुत ही सुस्ती से काम कर रही है। चीफ़ जस्टिस जनता को बताएं कि किसी एक आतंकवादी को अभी तक सज़ा क्यों नहीं मिल सकी। सरकारी विभागों को तालेबानी सोच के लोगों से दूर रखना होगा। आतंकवाद की ताज़ा घटनाओं से बातचीत के समर्थकों की आँखें खुल जानी चाहियें। उन्होंने कहा कि अब आतंकवादियों के विरुद्ध मारो या मरो की पॉलिसी अपनाना होगी, पूरा राष्ट्र, सरकार और विपक्ष आतंकवाद की समाप्ति के लिये एकजुट हो जाएं।
28 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 446470
सुन्नी एत्तेहाद काउंसिल के लीडरों नें कहा है कि पवित्र महीने में बेगुनाहों का ख़ून बहाना इस्लाम की सेवा नहीं है, कौन सा इस्लाम बेगुनाह इन्सानों की हत्या की परमीशन देता है